मुक्केबाज़ी
सात में दो नाम: पेरिस की एंट्री लिस्ट और भारतीय मुक्केबाज़ी का वो कॉलम जिसे किसी ने नहीं पढ़ापेरिस ओलंपिक की मुक्केबाज़ी एंट्री लिस्ट मैंने नतीजों की शीट से पहले खोली,...
पेरिस में छह मुक्केबाज, शून्य तमगे: दोष मेडल टेबल का नहीं, कैलेंडर का हैतीन अगस्त 2026, पेरिस का नॉर्थ एरिना। पुरुषों के 71 किलो क्वार्टर फाइनल में...
48 किलो और 81 किलो: भारत के चार विश्व स्वर्ण में से दो उस डिवीजन में हैं, जो ओलंपिक में कभी नहीं रहापटियाला के राष्ट्रीय शिविर के तराज़ू कक्ष में पिछले महीने एक सुबह तराज़ू 51.4...
छह कोटा, शून्य तमगा: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का वह हिसाब जो किसी ट्रायल में नहीं आयानवंबर 2026, दिल्ली का के.डी. जाधव हॉल। महिला विश्व चैंपियनशिप, भारत के चार...
सर्विस की तनख्वाह और पटियाला की घड़ी: भारतीय मुक्केबाज़ी की वह फ़ाइल जो मेडल टेबल नहीं दिखातीमई 2026 में एक रेजिमेंटल सेंटर के वज़न-जाँच कक्ष में मेरी स्काउटिंग नोटबुक खु...
छह कोटा, शून्य पदक: भारतीय मुक्केबाज़ी का बहीखाता अब LA28 की क्लास-लिस्ट पर टिका हैमई 2026, बैंकॉक का विश्व क्वालिफ़ायर। 57 किग्रा की आख़िरी बाउट के बाद जयस्मिन...
लॉस एंजिलिस 2028 का कोटा गणित: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई रिंग में नहीं, चार्टर में हैपेरिस 2026 में भारत के छह मुक्केबाज़ रिंग में उतरे, और पदक तालिका के...
रिंग के बाहर का हिसाब: वज़न-वर्गों का पुनर्निर्धारण और अमेच्योर मुक्केबाज़ी की चुपचाप महँगी होती पाइपलाइनमेलबर्न के एक खेल-संस्थान के जिम में जनवरी की एक सुबह तराज़ू 63.4 दिखा रहा था...
पेरिस का शून्य और मुक्केबाज़ी का वह तीसरा कॉलम जो किसी ने नहीं खोलाबुस्टो आर्सिज़ियो, मार्च 2026। पहला वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर। भारतीय दल की...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: पेरिस की सबसे बड़ी खबर वह संख्या है जो किसी टेलीविज़न ग्राफिक पर नहीं आईपेरिस ओलंपिक के मुक्केबाज़ी ड्रॉ में भारत के छह नाम थे। तीन साल पहले टोक्यो म...
पेरिस का ज़ीरो और 75 किलो की राजनीति: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली मुकाबला मीटिंग रूम में हैपटियाला के राष्ट्रीय शिविर के तौल कक्ष में सुबह पाँच बजकर चालीस मिनट पर तराज़...
काग़ज़ पहले आया, मुक्केबाज़ बाद में: LA28 की बारह श्रेणियाँ और बीच में फँसी भारतीय पीढ़ीपटियाला के राष्ट्रीय शिविर में तराज़ू के ठीक ऊपर एक सूची चिपकी है। 2026 में उ...
पेरिस में छह मुक्केबाज, शून्य तमगे: दोष मेडल टेबल का नहीं, कैलेंडर का हैतीन अगस्त 2026, पेरिस का नॉर्थ एरिना। पुरुषों के 71 किलो क्वार्टर फाइनल में...
48 किलो और 81 किलो: भारत के चार विश्व स्वर्ण में से दो उस डिवीजन में हैं, जो ओलंपिक में कभी नहीं रहापटियाला के राष्ट्रीय शिविर के तराज़ू कक्ष में पिछले महीने एक सुबह तराज़ू 51.4...
छह कोटा, शून्य तमगा: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का वह हिसाब जो किसी ट्रायल में नहीं आयानवंबर 2026, दिल्ली का के.डी. जाधव हॉल। महिला विश्व चैंपियनशिप, भारत के चार...
सर्विस की तनख्वाह और पटियाला की घड़ी: भारतीय मुक्केबाज़ी की वह फ़ाइल जो मेडल टेबल नहीं दिखातीमई 2026 में एक रेजिमेंटल सेंटर के वज़न-जाँच कक्ष में मेरी स्काउटिंग नोटबुक खु...
छह कोटा, शून्य पदक: भारतीय मुक्केबाज़ी का बहीखाता अब LA28 की क्लास-लिस्ट पर टिका हैमई 2026, बैंकॉक का विश्व क्वालिफ़ायर। 57 किग्रा की आख़िरी बाउट के बाद जयस्मिन...
लॉस एंजिलिस 2028 का कोटा गणित: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई रिंग में नहीं, चार्टर में हैपेरिस 2026 में भारत के छह मुक्केबाज़ रिंग में उतरे, और पदक तालिका के...
रिंग के बाहर का हिसाब: वज़न-वर्गों का पुनर्निर्धारण और अमेच्योर मुक्केबाज़ी की चुपचाप महँगी होती पाइपलाइनमेलबर्न के एक खेल-संस्थान के जिम में जनवरी की एक सुबह तराज़ू 63.4 दिखा रहा था...
पेरिस का शून्य और मुक्केबाज़ी का वह तीसरा कॉलम जो किसी ने नहीं खोलाबुस्टो आर्सिज़ियो, मार्च 2026। पहला वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर। भारतीय दल की...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: पेरिस की सबसे बड़ी खबर वह संख्या है जो किसी टेलीविज़न ग्राफिक पर नहीं आईपेरिस ओलंपिक के मुक्केबाज़ी ड्रॉ में भारत के छह नाम थे। तीन साल पहले टोक्यो म...
पेरिस का ज़ीरो और 75 किलो की राजनीति: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली मुकाबला मीटिंग रूम में हैपटियाला के राष्ट्रीय शिविर के तौल कक्ष में सुबह पाँच बजकर चालीस मिनट पर तराज़...
काग़ज़ पहले आया, मुक्केबाज़ बाद में: LA28 की बारह श्रेणियाँ और बीच में फँसी भारतीय पीढ़ीपटियाला के राष्ट्रीय शिविर में तराज़ू के ठीक ऊपर एक सूची चिपकी है। 2026 में उ...
